Thursday, January 1, 2015

मुबारक नया साल,

मेरे प्यारे देशवासियों मुबारक नया साल|
देश मेरा तरक्की करे सभी हो  खुशहाल ||
       जियो और जीने दो यह मन्त्र है  बहुत  महान|
      अपनी ना-पाक हर्क्क्तों से बाज आये पाकिस्तान ||
सीजफायर के उलंघन से कुछ नहीं मिल पायेगा|
गरजेगा हिन्दुस्तान तो मिटटी में मिल जाएगा||
       अरे नादान क्यों है परेशान जरा समय को पहचान|
       तू बन जा इंसान वर्ना मिट जायेगी तेरी पहचान|| 

Thursday, December 18, 2014

आंतकवाद का जहर|

आज सारा विश्व आंतकवाद की आग में झुलस रहा है| इस आंतकवाद की जड़ें पूरे विश्व में फ़ैल चुकी हैं| विश्व के सभी देश क्या हिन्दुस्तान क्या पाकिस्तान और क्या अन्य देश सबहीं किसी न किसी प्रकार से आंतकवाद को झेल रहे हैं|
पाकिस्तान में आंतकवादियों ने स्कूल  में घुस कर १३२ मासूम बच्चों सहित १४५ व्यक्तियों का क़त्ल करके जो कोहराम मचाया है उससे सारा विश्व शौक में डूब गया| आंतकवादियों के द्वारा दिए गए इस दर्द से पूरे विश्व की जनता दिल से दुखी है| इससे दुखद और दिल को दहला देने वाली घटना और क्या हो सकती है|
पाकिस्तान को अब अच्छी तरह से अच्छे बुरे का विचार करके कदम उठाने की जरुरत है| पाकिस्तान में बसने वाला आंतकवादी हाफिज सईद आज इस दुखद घटना के लिए मोदी जी को जिम्मेदार ठहरा कर आंतकवाद की आग में घी डालने जैसा काम कर रहा है जबकि सारा संसार जान चुका है कि इस घटना की जिम्मेदारी एक आंतकवादी संघटन ने ली है| फिर भी मोदी जी को इसका जिम्मेदार ठहरा रहा है जो बहुत ही दुखद है|
माननीय नवाज शरीफ जी को इस दुखद घडी में सच्चे मन से विचार करना होगा कि कौन अपना है और कौन पराया| आंतकवादी की कोई कौम नहीं होती है| इन इंसानियत के दुश्मनों को पालने के बजाय समाप्त करने में ही भलाई है| अब समय आ गया है कि आंतकवाद से लड़ने के लिए विश्व के सभी देश एक साथ मिलकर आंतकवाद के खात्मे के लिए सहयोग करें|हिन्दुस्तान की जनता और सरकार हर समय सच्चे मन से पाकिस्तान के साथ है| 

Thursday, November 20, 2014

धर्माचार्य और फरेब के बीच निर्दोष आस्था|

हमारा देश भिन्न भिन्न धर्मों को मानने वाला देश है| इस देश के निवासी धर्म के नाम पर निर्दोष आस्था के वशीभूत अपने तन, मन और धन को न्यौछावर कर देते हैं| अपनी मेहनत की कमाई को धर्म के नाम पर अपनी आँखे मुंद कर दोनों हाथों से लुटा देते हैं| मानव की इस प्रकार की सच्ची और निर्दोष आस्था के कारण रामपाल जैसे धर्म के ठेकेदार नाजायज फायदा उठा कर अपनी सल्तनत खड़ी कर लेते हैं| 
रामपाल ने एक साधारण से व्यक्तित्व से ऊपर उठ कर एक ढोंगी और फरेबी संत होने का नाटक करके भोली भाली जनता को दोनों हाथों से लुटा और जनता धर्म के नाम पर लुटती रही| एक रामपाल ही क्या न जाने हमारे देश में इस प्रकार के पाखंडी और फरेबी कितने ऐसे आदमी हैं जो धर्म के नाम पर लुटते रहते हैं|
धर्म किसे कहते हैं बस यही जानने की आवश्यकता है| सच्चे मन से दूसरों की सहायता करना, अपने आचरण से किसी को कष्ट न पहुंचाना झूठ और फरेब से बचना यही सही मायने में धर्म है| सच्चे मन से अपने परिवार का पालन करना भी धर्म है|
आज के इस धोखे और फरेब की दुनिया में इस प्रकार के ढोंगी और पाखंडी संतों का बहिष्कार करके अपने आप को बचाए रखने की आवश्यकता है| हमें धर्म के नाम पर किसी से डरने की जरुरत नहीं है| धर्म किसी को डराता नहीं है| जबकि इस प्रकार के धर्म के ठेकेदार धर्म का डर दिखा कर भोले भाले व्यक्तियों को अपने चंगुल में फंसा लेते हैं

Thursday, October 9, 2014

पाक नापाक क्यों|

पाकिस्तान एक आजाद मुल्क होते हुए भी आजाद नहीं है| उसका कारण शुरू से ही उसकी औच्ची मानसिकता रहा है| जब से पाकिस्तान अलग हुआ है तभी से वह अपने दुःख से दुखी नहीं बल्कि हिन्दुस्तान के सुख को देखकर  दुखी है| अब तक पाकिस्तान में जितने भी शासक हुए हैं किसी ने भी कश्मीर से आगे कुछ नहीं सोचा| पाकिस्तान हर क्षेत्र में पिछड़ता चला गया|
 
आज पाकिस्तान के अंदरूनी हालात बद से बदतर  होते जा रहे हैं| जगह जगह पर गुटबाजी होने के कारण देश पर कोई ध्यान देने वाला नहीं है| जिसके कारण पाकिस्तान में कई बार मिलेट्री शासन लग चुका| पाकिस्तान के अंदरूनी हालात बहुत ही चिंताजनक हैं| जगह जगह आंतकवादियों ने अपने ट्रेनिंग सेंटर खोले हुए हैं पहले पाकिस्तान ने उनको हिदुस्तान के खिलाप तैयार किया लेकिन अब आंतकवादी वहां की सरकार पर हावी है|
 बहुत ही चिताजनक स्थिति हो गयी थी| पाकिस्तान अपने हिस्से के कश्मीर में बसे लोगों की कोई मदद नहीं कर पा रहा है वहां के लोग अब इस कदर परेशान हैं कि वह अब पाकिस्तान से मुक्त होना चाहते हैं| लोग घर से बेघर हो गए हैं| खाने पीने की भी कोई व्यवस्था ठीक से नहीं है बाढ़ के कारण बीमारियों ने भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं|
 
उपरोक्त मुद्दों के अलावा भी अनेक ऐसे पाकिस्तान के अंदरूनी मुद्दे हैं जिनसे पाकिस्तान सरकार बहुत दुखी है| पाकिस्तान ने कभी भी अपने देश के विकास और अपने देश के नागरिकों के विषय में ध्यान न देकर केवल कश्मीर का मुद्दा ही उसे नज़र आता है जबकि उसे खुद मालुम है कि कश्मीर किसी भी हालत में उसे मिलने वाला नहीं है परन्तु अपनी नापाक हरक्कतों से अपने देश के नागरिकों का ध्यान बटाने के लिए कश्मीर का राग अलापने लगता है|
 
पाकिस्तान अपनी औच्ची और नापाक हरक्कतों के कारण विश्व में अपनी साख गवां चुका है| इसके बावजूद  अब सीजफायर का उलंघन करके अपने देश की बिगडती हुई अर्थव्यवस्था से ध्यान बताने के लिए दिन प्रतिदिन सीजफायर का उलंघन करके गोलीबारी कर रहा है इसमें भी अब पाकिस्तान की हालत खराब से खराब होती जा रही है|
 
अन्त में मैं पाकिस्तान को एक नेक सलाह देना चाहता हूँ कि जियो और जीने दो वाले सिद्दांत पर चलाकर अपने देश के विकास के विषय में ध्यान देकर अपने देश के नागरिकों के उज्जवल भविष्य बनाने हेतु  प्रयत्नशील रहो| बेकार के लड़ाई झगड़ों में देश को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है| यदि जरा भी इंसानियत बाकी है तो अभी भी समय है|अन्यथा अल्लाह भरोसे|

Friday, September 12, 2014

मौन घोटाला|

हमारा भारत देश सोने की चिड़िया कहा जाता है| वैसे इसमे कोई शक भी नहीं है| इसे कभी गैरों ने लुटा तो कभी अपनों ने| इसके बावजूद हमारा देश अपनी आन बान और शान के साथ अडिग खड़ा हुआ है| पहले आपसी फूट  के  कारण अंग्रेजों ने भारत को लूट कर अपनी तिजोरी भरी| वह भी देश के चन्द लालची कुत्तों के कारण ही संभव हो सका था|
हमारे देश के अनगिनत लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर इसे अंग्रेजों के चंगुल से इसलिए आजाद कराया था कि अब देश की भोली भाली जनता सुख चैन की साँसों के साथ अपना जीवन व्यतीत करेगी| लेकिन  ऐसा कुछ भी नहीं हुआ आज हमारे देश की  हालत देख कर उन अमर शहीदों की आत्मा रो पड़ती है जिन्होंने इस देश को आजाद कराने में अपने प्राणों की आहुति दी थी|
सत्ता के लालच में आदमी कहाँ तक गिर सकता है इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है| माननीय मनमोहन सिंह जी ने सत्ता के मोह में अंधे होकर अपने मंत्रियों को दोनों हाथों से लुट खसोट करने की पूरी छुट दी हुई थी| जिन्होंने जनता की मेहनत से कमाए धन को अनेक प्रकार के घोटाले करके अपनी तिजोरी को भरने में कोई कमी नहीं छोड़ी| और मनमोहन जी अपनी मनमोहनी मुस्कान लिए मौन रह कर सब कुछ देखते रहे|
इस प्रकार के धन और सत्ता के लालची लोगों के कारण ही पहले हमारा देश गुलामी की जंजीरों  में जकड़ा गया था| अत: इस प्रकार के जयचंदों से होशियार रहने की आवश्यकता है| अन्त में मेरा अपने देश के कर्णधारों से अनुरोध है कि उनको इस देश की जनता की सुख सुविधाओं के कार्यों में धन का प्रयोग करना चाहिए| और इस प्रकार के लालचियों को कानून के द्वारा सजा दिलानी चाहिए

Monday, August 25, 2014

मोदी जी की वो हुंकार, लगाने लगी है अब बेकार|

मोदी जी ने प्रधान मंत्री बनने के बाद कहा था कि हमें आँख झुका कर नहीं बल्कि आँख मिला कर बात करनी चाहिए| यदि कोई आँख दिखाने की कोशिश करे तो उसको माकूल जवाब देना चाहिए|
पाकिस्तान एक ही माह में अनेकों प्रकार से सीजफायर का उलंघन कर चुका है| और आये दिन करता ही जा रहा है| बोर्डर के आस पास की भोली भाली जनता अपनी जान बचाने के लिए घर से बेघर होकर दर दर भटक रही है|
आज पाकिस्तान कदम कदम पर भारत को आँख दिखा रहा है और हमारी सरकार न जाने क्यों आँख मुंद कर बैठी हुई है| हो सकता है इसमे कोई कूटनीति या राजनीति हो| परन्तु देश की भोली भाली जनता न कूटनीति जानती है और न ही राजनीति| भोली  भाली जनता  तो बस सामने वाले ने जो कहा है उसी पर विश्वास करती है|
लोक सभा के चुनावों से पहले भी मोदी जी कुछ इसी प्रकार की बातें किया करते थे| चुनाव से पहले और बाद में भी अच्छे दिन आने वाली बात कई  बार कही गयी| पाकिस्तान की ना-पाक हर्क्क्तों के कारण अब बोर्डर के आसपास रहने वाली जनता के अच्छे दिनों के बजाय बुरे दिन आ गए हैं| माना कि देश में मानसून की कमी के कारण महंगाई ने पैर पसारे और ईराक युद्द के कारण तेल महंगा हुआ| परन्तु अब जो पाकिस्तान आँखे दिखा रहा है तो उसको माकूल जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा है|
अन्त में मैं भारत सरकार से अनुरोध करना चाहता हूँ कि देश की जिस भोली भाली जनता ने भाजपा पर पूर्ण विश्वास करके मोदी जी की बहुमत की सरकार बनाने का कार्य किया है उस भोली भाली जनता का वह विश्वास  बना रहे| और मोदी जी की वह  हुंकार, होने न पाए बेकार||
 

Wednesday, August 6, 2014

संसद एक मंदिर या कुश्ती का अखाड़ा|

ऐसा माना जाता है कि किसी भी देश का संसद एक मंदिर की तरह से होता है| परन्तु आजकल हमारे देश की संसद एक अखाड़े की तरह से हो गयी है| संसद में सभी सांसदों को समाज के उत्थान और देश के विकास के विषय में चर्चा करनी चाहिए| देश के किस प्रदेश की क्या क्या समस्याएं है इस पर चर्चा होनी चाहिए| देश से किस प्रकार से साम्प्रदायिकता को समाप्त करके भाईचारा कायम किया जाए इस पर चर्च होनी चाहिए| देश किस किस प्रकार की जवलंत समस्यायों से जूझ रहा है इस पर चर्चा होनी चाहिए|परन्तु  आजकल संसद में सांसदों का केवल और केवल एक दुसरे के ऊपर छींटाकसी के अलावा कोई काम नहीं है|
 
संसद में नारेबाजी करना,बेकार के संवाद जैसे मोदी जी नेपाल में मंदिर क्यों गए ईद की मुबारकबाद क्यों नहीं दी जबकि ऐसा कुछ नहीं है फिर भी संसद का कीमती समय इस प्रकार की फिजूल की बातों पर बर्बाद किया जाता है|
 
देश के सभी सांसदों को विचार करना चाहिए कि संसद चलने के दिन देश का बहुत अधिक धन व्यय होता है वह धन बेकार की बातों में नष्ट न करके देश के विकास और उत्थान के लिए प्रयोग होना चाहिए|